साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। सामने गादी बैठे राजा, पीडो बैठे प्राजा मोहे। ब्रह्मचर्य व्रत का पूर्ण रूप से पालन करें। साधना के समय जल का लोटा अपने पास रखें। श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं https://realtor44321.blogdanica.com/39649957/details-fiction-and-prem-aur-sambandh-sudhaar